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सोमवार, 14 फ़रवरी 2011

वेलेंटाइन डे या वेलऐंठाइन डे

वेलेंटाइन डे या  वेलऐंठाइन  डे
संत वेलेंटाइन को सादर नमन वंदन.  १४ फरवरी को वेलेंटाइन डे के रूप में मनाये जाने की पृष्ठभूमि के बारे में ज्यादा मालूम तो नहीं है किन्तु इतना अवश्य पता चला है  कि  प्रत्येक रिश्ते नातों बीच प्रेम का इजहार करने के लिए यह दिन नियत है. यहाँ पर इसे क्षेत्रीय बोली में नाम परिवर्तित करते हुए अंग्रेजी और हिंदी/छत्तीसगढ़ी का प्रयोग करते हुए सन्देश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है;
प्रेम की डोर में हो ऐंठन इतनी कि अलग न हो पाए तागा
मात-पिता भ्रात अरु-भगिनी, चाहे मन जिससे है लागा 
(रिश्ते के अनुसार "प्रेम" का अर्थ समझ अपनाएँ)
 आज हम अपने कर्त्तव्य स्थली नागपुर  जो कि गृह नगर से  तकरीबन २६५ किलोमीटर दूर है,  रेल से आ रहे थे. मन में कुछ ख़याल इस तरह के बने;
  वेलेंटाइन डे अलग कछु है नहीं, करावे प्रेम-इजहार
 रिश्ते नाते को ध्यान में रख चुन लें इसके प्रकार
पर क्या करें; युग प्रभाव का जोर है हो जाती "वासना" हावी 
संस्कारों का हो रहा दहन, हुई है अभी शुरुआत, कैसी होगी पीढ़ी भावी.   
खैर "प्रेम दिवस" की सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं.
जय जोहार.............

3 टिप्‍पणियां:

ललित शर्मा ने कहा…

वेलेन्टाईन में सजे दुल्हा बन के बेलन ।
हेलमेट पहन के बंधु होरी जाईयो खेलन॥

बने बने दाऊ जी।
जोहार ले।

मनोज कुमार ने कहा…

"प्रेम दिवस" की बहुत बहुत शुभकामनाएं!

dhiru singh {धीरू सिंह} ने कहा…

जब वेलेन्टाईन है तो मै नही जब मै था तो वेलेन्टाईन नही