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गुरुवार, 6 अक्तूबर 2011

विजया दशमी की हार्दिक शुभकामनाएं

विजया दशमी की हार्दिक शुभकामनाएं 
ड्यूटी से घर आते ही 
हम अख़बार पे नज़र दौड़ाये
अटकी नज़र  हेडिंग पर;
"मासूम जिंदगी पर छाये 
दशानन के  साये"
आज के बच्चों  के
दस अवगुण मात- पिता को बताये
न केवल बताये, उन्हें जिम्मेदार ठहराए 
पहला शिष्टाचार न आना 
दूजा अपनी  माँग मनवाना 
तीसरे में अनुशासन हीनता 
चौथे में गायब नैतिकता 
पंचम संस्कारों की सीख न देना 
टूटा परिवार तो फिर न कहना 
षष्टम में अड़ियल रवैया 
करवावे सबको ता ता थैया 
हदों  का उल्लंघन है  सप्तम 
  उपकरणों पर निर्भरता  अष्टम  
(केलकुलेटर, मोबाइल, कंप्यूटर, टी वी,
वीडियो गेम पर आश्रित आदि पर  होने देना )
 नवमं  स्वच्छंद आचरण 
दशमं पक्षपात का बीज अंकुरण 
इन पे गौर फरमायें, बच्चों को समझाएं, 
अंकुश इन पे लगाएं
उनका भविष्य उज्जवल बनाएं 
 पुनः आप सभी मित्रों को विजया दशमी की शुभकामनाओं सहित 
जय जोहार.....

8 टिप्‍पणियां:

Dr Varsha Singh ने कहा…

विजयादशमी पर आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएं।


कृपया मेरे ब्लॉग्स पर भी आएं ,आपका हार्दिक स्वागत है -
http://ghazalyatra.blogspot.com/
http://varshasingh1.blogspot.com/

Patali-The-Village ने कहा…

दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएँ|

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

गाड़ा बधाई गा दसहरा तिहार के।

चैतन्य शर्मा ने कहा…

विजयदशमी की शुभकामनायें ....जय श्रीराम

मनोज कुमार ने कहा…

सही गुण गिनाए गये हैं।
हार्दिक शुभकामनाएं।

संतोष त्रिवेदी ने कहा…

आप तो पहचान गए,मगर बाकी जने...?

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

दसहरा - तिहार के लेवौ "मितानी भेंट"
नेट- कनीक्सन के मारे,हफ्ताभर के लेट.
हफ्ताभर के लेट ,कटे सबो कस्ट-कलेसा
तुँहर कबिता मा पाये हन -सुग्घर संदेसा
उत्ती - मा सूर्य बगराये किरन सुनहरा
असत मिटाये सत के ये तिहार दसहरा.

shikha varshney ने कहा…

गुणों से भरी रचना.अच्छी लगी.