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सोमवार, 21 अक्तूबर 2013

देश की ब्यूटी


 देश की  ब्यूटी

तन मन धन बल सब चले, तब जाके पाते सत्ता
बहु-प्रकार के छद्म से, दे जाते सबको को धत्ता

निर्वाचन ड्यूटी सख्त, सेवक सरकारी के लिए
चढ़ते सस्पेंसन की तख़्त, हो जाय चूक तनिक भी

फिर भी कहते हैं;

निर्वाचन प्रक्रिया देश की है  ब्यूटी
जुड़ जा तन मन धन से प्यारे कर तू अपनी ड्यूटी ....
जय जोहार ...

1 टिप्पणी:

संध्या शर्मा ने कहा…

जी अगर ऐसे ही हर कोई अपने-अपने कर्त्तव्य का ईमानदारी से निर्वाह करे तो सचमुच बढ़ जाएगी देश की ब्यूटी... सुन्दर सार्थक रचना के लिए आभार आपका