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मंगलवार, 14 अप्रैल 2015

नक्सली तांडव

नमन शहीदों को करें, ईश्वर से फरियाद.
मति दुष्टों का फेरिये, मुल्क न हो बरबाद.

मानुस ही हैं नक्सली, लिये हाथ हथियार.
पीड़ा इनकी जानिये, क्यूं करते ये वार.

समाधान के वासते,  करे न सुदृढ़ उपाय.
चिंता है किस बात की, तुमको रह्यो सताय.

अब तो मुखिया जागिये, हो झट इसका अंत.
इकजुट हो लें फैसला, शासक जनता संत..

ताण्डव करते नक्सली, रोक सके ना कोय.
मांगें कितनी उजड़ गईं, गोदें सूनी होय.

धरे रूप विकराल ये, रक्तबीज अवतार.
करो शक्ति संचार माँ,  हो इनका संहार..


शहीदों को अश्रुपूरित श्रद्धाँजलि सहित सादर नमन
जय जोहार.....

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