आईए मन की गति से उमड़त-घुमड़ते विचारों के दांव-पेंचों की इस नई दुनिया मे आपका स्वागत है-कृपया टिप्पणी करना ना भुलें-आपकी टिप्पणी से हमारा उत्साह बढता है

शुक्रवार, 5 नवंबर 2010

"दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाएं"

"दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाएं"
उर उत्साह उमंग के संग 
जीतें जीवन की हर जंग 
काम क्रोध मद लोभ ईर्ष्या 
अरु बैर भाव का तिमिर हटे
दुःख दारिद्र्य मिटे सबका 
संताप, ताप, सब पाप कटे
दीपोत्सव की रोशनी 
घर घर लाये उजियारा
दीप कतार है छटा बिखेरे 
प्रासाद कुटीर हर गलियारा  
सभी मित्रों को पुनः  दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं 
जय जोहार..........

6 टिप्‍पणियां:

ललित शर्मा ने कहा…

सुरहुति तिहार अऊ देवारी के गाड़ा गाड़ा बधई

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

अच्छी कामना ..दीपावली की शुभकामनायें

मनोज कुमार ने कहा…

चिरागों से चिरागों में रोशनी भर दो,
हरेक के जीवन में हंसी-ख़ुशी भर दो।
अबके दीवाली पर हो रौशन जहां सारा
प्रेम-सद्भाव से सबकी ज़िन्दगी भर दो॥
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
सादर,
मनोज कुमार

Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

गिरीश बिल्लोरे ने कहा…

शुभकामनाएं
_____________________________________
बराक़ साहब का स्वागत
_____________________________________

S.M.HABIB ने कहा…

दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं....