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शनिवार, 6 फ़रवरी 2010

वेलएंटाइन/वेल अंइठाइन डे 14 फरवरी

 "वेलेंटाइन डे" इहीच दिन हा आय प्रेम करे के, तहां ले मन भर गे त झट ले खसक ले? खसक ले के मतलब, तैं नहीं त दूसर के भाव रखत   एक आखर उर्दू के तीन पइत  कहिके  जिनगी भर बर कोंटिया दे.  घर के जोगी जोगड़ा आन गाँव के सिद्ध आज जादा दिन नई होए हे, ए वेल अइठाइन डे ल  परसिद्ध होए . अरे हमर देश मा "परेम" हा का मिट गे हे? पहिली नई रहिसे का? पहिली तो परेम हा  श्रद्धा अउ समर्पण ये दूनो  भाव के संग चलय. हमर बड़े बड़े संत मन ल त परेम के भाखा आबे नई करत रहिसे लागथे.  मैं संछेप मा एखर इतिहास के जाने के कोसिस करेंव.  लिखे हे के 496 इसवी मा एक झन संत होए रहिसे तेखरे नाव वेलेंटाइन रहिसे ओ हा एक मंदिर के पुजारी रहिसे, कोंजनी कोन जेलर के बेटी संग ओला परेम हो गे रहिसे. 14 फरवरी के ओहा मारत खानी वो जेलर के बेटी के नाव मा एक ठन चिट्ठी लिख के अपन दस्तखत करके मरिस. त कोनो कथे ए तारीख के जनम ले रहिसे.  आनी बानी के कहानी. ठीक हे जी परेम के इजहार करौ, अउ परेम करौ त बने ढंग ले करौ.  हमर देश मा अइसन मौका के उपयोग मौज मस्ती करौ के रूप मा जादा रथे. अइसे लागथे के  फरवरी के  14  तारीख हा  टाकीज मा देश भक्ति के  फिलिम बर एकाध दिन  बिन टिकिट के जाय बर छूट रहिथे नहीं ओइसने अपन प्यार के इजहार करे बर छूट मिले के तारीख आय. एखर आड़ मा  लोगन अपन सीमा ल लांघे ल धर लेथें. खासकर किशोर अवस्था के लईका मन. आघू पाछू ल नई देखें (भूत- भविष्य ल नई सोचें ).  सेंट वेलेंटाइन एकदम हरेक के सुरता म रहैया  संत महात्मा होगे हमर संत महात्मा मन बैरागी रहैं उंखर कोनो महत्व नई ये. अरे परेम मा अउ मन के तियाग के कहानी इहों बताये गे हे. इही ल कथें घर के जोगी जोगड़ा आन गाँव के सिद्ध.  ठीक हे भाई एक दूसर के परेम मा बने अंइठावव इही ह आय वेल अंइठाइन डे.
 अभी बैठे बैठे इही बात ह मन मा गुंगुआवत रहिसे. लिखा गे.
जय राम जी की. जय जोहार.

2 टिप्‍पणियां:

ललित शर्मा ने कहा…

कहां चौदा फ़रवरी तै बैइठे हस ।
जम्मो के कान ला तैं अंइठे हस।
नवा उमर हे नवा प्रेम हवे संगी
अभी ले जुन्ना ला धरे बैइठे हस्।

कुछ उदिम किया जाय्।:)

शरद कोकास ने कहा…

वेल इन टाइम पोस्ट ।