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सोमवार, 15 मार्च 2010

"नवरात्रि की आप सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं"

 
 दिनांक 16 मार्च 2010 से प्रारम्भ हो रहा है पर्व  शक्ति की अराधना का चैत्र नव रात्रि. माँ भगवती  हम सभी को इतनी शक्ति प्रदान करें कि किसी भी प्रकार की कठिनाई हो उससे हँसते हँसते उबर जाँय. साथ ही ख़ुशी भी इतनी ही देना माँ कि उस खुशी को आपके सानिध्य में ही प्रकट करें न कि ज्यादा खुशी के  मारे  आपको भूल जाँय.  और माँ भगवती से पूरे विश्व के कल्याण के लिए यह प्रार्थना भी है;
"देवि प्रपन्नार्ति हरे प्रसीद, प्रसीद मातर्रजगतो अखिलस्य.
प्रसीद विश्वेश्वरी पाहि विश्वं त्वमेश्वरी देवि चराचरस्य"
तात्पर्य:  शरणागत की पीड़ा दूर करनेवाली देवि ! हम पर प्रसन्ना होओं. सम्पूर्ण जगत की माता! प्रसन्ना होओं! विश्वेश्वरी !  विश्व की रक्षा करो. देवि! तुम्ही चराचर जगत की अधीश्वरी हो. 
मित्रों यह मन की भावना है. यदि किसी परम सत्ता पर विश्वास रखते हैं,  सभी के मार्ग अलग अलग हैं, तो ऐसे अवसरों पर समूचे विश्व कल्याण की  और जनमानस में सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की भावना हो ऐसी बुद्धि प्रदान करने की  प्रार्थना उस परम सत्ता (अपने अपने मतानुसार जिसे भी मानते हों )से अवश्य करनी चाहिए. यह न समझा जावे कि यहाँ पर किसी को अनुयायी बनने बनाने के लिए दबाव डाला जा रहा है.  
इस चैत्र नवरात्रि की आप सभी को बहुत बहुत शुभ कामनाएं 
जय जोहार ...........

3 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

नवरात्रि की आप को भी बहुत बहुत शुभकामनाएं.

ललित शर्मा ने कहा…

नवरात्रि के बधई,
अब जाबो उड़न खटोला मा
खुश हो जाही माई।

मनोज कुमार ने कहा…

नवरात्रि की आप को भी बहुत बहुत शुभकामनाएं.