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सोमवार, 11 जनवरी 2010

मकर संक्रांति (सूर्य का उत्तरायण होना )

हिन्दुओं का अंग्रेजी त्योहारों की भांति                                               
फिक्स डेट १४ जनवरी को मनाया जाने वाला इकलौता  पर्व
मकर संक्रांति
पालें न मन में अपने किसी प्रकार की भ्रान्ति
बस करें प्रार्थना यही प्रभु से
सारे जगत में हो अमन चैन व सुख शांति
            (२)  
पंडित जी समझाते हैं संक्रांति का डिटेल
अमुक योनि है अमुक अवस्था है, अमुक वस्त्र धारण किये हुए हैं, अमुक प्राणी है , अमुक समय
अमुक पात्र में अमुक पदार्थ का सेवन करते हुए आदि आदि .... "संक्रांति" गयी है 
साथ हि रिजल्ट भी बताते हैं; प्रभावित चीजों की तो "गयी" है
याने उस उम्र के प्राणियों  की खाट लग जावेगी 
प्रभावित द्रव्यों के बढती कीमतों की वजह से जनता  की वाट लग जावेगी
और कहते हैं;
ऋतु परिवर्तन का समय है यह , सूर्य उत्तरायण होता है
पाप पुण्य में उलझा मानव,
स्नान दान कर तिल गुड पान कर
चल पड़ उस जगह जहाँ ग्रन्थ परायण होता है.
(३)

मैंने उक्त बातें अपने बचपन की याद के आधार पर लिखी हैं. वैसे इन चीजों को क्षेत्रीय बोली में लिखना चाहता था. खैर अब लिख देता हूँ ;
कतको दान पुन करा ले महराज
इहाँ तो रोज संकरायेत जाथे
आतंकी नक्सली डाकू संग मनखे रोज अपन गला कटाथे
कोनो सड़क मा बेतरतीब चलैया के मोटर गाड़ी में आये दिन रेताथे
मंहगाई  रात दिन बाढ़त जाथे दान पुन कर सकन नहीं
ये हालत मा संकरायेत महराज करबे हमर जतन तहीं 

जम्मो झन ल आने वाला  ये संकरायेत तिहार के एडवांस मा  बहुत बहुत बधाई
जय जोहार






 

3 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

संकरायेत तिहार के एडवांस मा आपको भी बहुत बहुत बधाई..

ललित शर्मा ने कहा…

हे भगवान! दान पुन करे ला झन लागै कहिके एक ठीन पोस्टे लिख डारे हस्। मान गेन साहेब तोला। अब हाना भुलावत हंव, तब ले भैया दान करबे चाहे सरहा सुपारी ला दान कर :)

शरद कोकास ने कहा…

यह त्योहार सूरज का त्योहार है इसलिये फिक्स है चान्द का नही चान्द तो घटता बढ़ता है ( आदमी का भी )