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गुरुवार, 3 जून 2010

अमृत वाणी

आप सभी को सुप्रभात! आज शीघ्रतातिशीघ्र कार्यालय पहुन्चना  है अतएव  इन शब्दों के  साथ;
"संसार के कटु वृक्ष का एक ही फल अमृत के समान है - सज्जन पुरुषों कि संगति"
आप सभी के खुशमय दिन कि कामना करते हुए 
जय जोहार......... 

4 टिप्‍पणियां:

ललित शर्मा ने कहा…

अमृतवाणी से आत्मा तृप्त हो गयी

जोहार ले

'उदय' ने कहा…

.... जय जय जोहार !!!!

आचार्य जी ने कहा…

आईये जाने .... प्रतिभाएं ही ईश्वर हैं !

आचार्य जी

Dr Satyajit Sahu ने कहा…

jai johar............