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सोमवार, 7 जून 2010

बात पते की

आप कितने धनी हैं  इसे सम्पत्ति के बल  पर ना तौले
असली धनी तो  वह  है जिसकी आँख से एक बूँद भी आंसू टपकने लगे
तो हजारों हाथ उसे पोंछने के लिए तत्पर दिखें
जय जोहार.........

3 टिप्‍पणियां:

'उदय' ने कहा…

... बहुत सुन्दर!!!

arvind ने कहा…

असली धनी तो वह है जिसकी आँख से एक बूँद भी आंसू टपकने लगे
तो हजारों हाथ उसे पोंछने के लिए तत्पर दिखें
.....bilkul sahi kahaa. swaami lalitanand ji ko naman......baabaa ke khal me acchaa dikh rahe hain.

मनोज कुमार ने कहा…

उत्तम विचार!