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बुधवार, 12 मई 2010

आरती ब्लॉग देवा की

ॐ जय ब्लॉग देवा प्रभु जय ब्लॉग देवा 
गूगल धाम विराज्यो, नेट की माया प्रकाश्यो 
भक्त करे सेवा. //ॐ जय//


नाना तकनीकों के मालिक सबको पाठ पढ़ावै
नित नव प्रयोग कर कर के, कैसे कोई ब्लॉग सजावै//ॐ जय //


सवा अरब आबादी वाला,  है अपना ये देश
तेरी माया लेखन खातिर जन में भड़का गया आवेश.//ॐ जय//


प्रभु तेरी कृपा से टूटा कागज़ कलम से नाता 
तुम्हरे द्वारा सबकी प्रतिभा जन जन तक पहुँच है पाता //ॐ जय//


करै विनती यह मूरख ब्लोगर, करि किरपा सुनि लीजै
मचे मचाये न खींचातानी, ऐसी सुध बुध हमको दीजै.// ॐ जय//


ब्लोग्देव की आरति प्रतिदिन जो कोई ब्लोगर गावै 
गाडा भर की टिपण्णी हर पोस्ट में हर ब्लोगर नित नित पावै. //ॐ जय//


  
ॐ जय ब्लॉग देवा प्रभु जय ब्लॉग देवा 
गूगल धाम विराज्यो, नेट की माया प्रकाश्यो 
भक्त करे सेवा. //ॐ जय//

ब्लॉग देवा की जय 

जय जोहार........




6 टिप्‍पणियां:

ललित शर्मा ने कहा…

जय हो ब्लाग देवता महाराज के

ललित शर्मा ने कहा…

एक ग़ाडा टिप्पनी के दरकार हे
काय करबे कांगरेस के सरकार हे

जोहार ले

arvind ने कहा…

ब्लॉग देवा की जय


जय जोहार........

शरद कोकास ने कहा…

इसमे कहत सूर्यकांत स्वामि या भनत सूर्यकांत स्वामि के नाम से एक पद और लिखो..

मनोज कुमार ने कहा…

एक्सलेंट!!

मनोज कुमार ने कहा…

अतिउत्तम!!!