आईए मन की गति से उमड़त-घुमड़ते विचारों के दांव-पेंचों की इस नई दुनिया मे आपका स्वागत है-कृपया टिप्पणी करना ना भुलें-आपकी टिप्पणी से हमारा उत्साह बढता है

शुक्रवार, 28 मई 2010

आतंकवाद, नक्सलवाद ..... खून खराबा

लाहौर में आतंकियों द्वारा लगभग 2000 लोगों को मस्जिद में बंधक बनाकर रखा जाना, इधर अपने देश में नक्सलियों द्वारा रेल की बोगियां उड़ा देना..... रोज रोज इस तरह की घटनाएं आम बात हो गयी हैं. क्या है इसका समाधान ? सब मिलकर सोंचें और रखें अपने अपने विचार. जय जोहार.....
  आतंकवाद नक्सलवाद....खूनखराबा                                                                                                 ये सब क्या हो रहा है.                           

4 टिप्‍पणियां:

honesty project democracy ने कहा…

गुप्ता साहब इसका समाधान यही है की इन नेताओं की ब्रेनमेपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट हर छः महीने में कराया जाय और वो भी इमानदार समाजसेवकों और आम नागरिकों की मौजूदगी में तथा इनसे देश और समाज में हुए हर घटना के बारे में सवाल पूछे जाएँ और इनकी लापरवाही और भागीदारी के हिसाब से इनको सजा दी जाय ,क्योकि साडी समस्या के जड़ में इनका भ्रष्टाचार और सुरा सुन्दरी में लिप्त होना ही है /

माधव ने कहा…

good proposal

सुनील दत्त ने कहा…

भारत में एक ही समाधान है वो है सैनिक शासन अगले वीस बर्ष के लिए

'उदय' ने कहा…

..... कुछ न कुछ करना/सोचना ही पडेगा !!!