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रविवार, 9 मई 2010

नक्सलवाद के अग्निकुंड में चढ़ रही लाशों की चढ़ोतरी

आज है मातृ-दिवस, सुबह सुबह अखबार के मुख्य पेज पर नक्सलवाद की बलि चढ़ चुके फिर ८-१० पुलिस महकमे के इन्स्पेक्टरों सिपाहियों की खबर पढ़ा। क्या बीती होगी उन माताओं के दिलों पर्……। उन शहीदों को, उन माताओं को शत शत नमन। मन उद्वेलित है;  
"छिहत्तर लोगों की लाशें 
पूरी तरह दफ़न हुई नहीं हैं 
सन्डे अखबार का मुख्य पृष्ठ 
कर दिया इसमें बढ़ोतरी 
पुलिस महकमे के ८-१० जांबाज 
अधिकारी, सिपाही नक्सलवाद की
धधकती आग में धकेल दिए गए 
जल गए, खाक हो गए 
आम जनता द्वारा 
भगवद गीता, रामायण प्रवचन सुन 
व्यास गद्दी पर अर्पण करते दान दक्षिणा के  माफिक
शासक प्रशासक द्वारा चढ़ाए जा रहे हैं 
नक्सलवाद के अग्निकुंड में इनकी चढ़ोतरी        
जय जोहार....... 

1 टिप्पणी:

ललित शर्मा ने कहा…

शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि

जोहार ले